छत्तीसगढ़ में बारिश बनी आफत: नदी के तेज बहाव में 3 मासूम बहे, युवक लापता, बिजली गिरने से दंपती की मौत
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। नदी-नालों के उफान और तेज गरज-चमक के बीच प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुए हादसों ने लोगों को झकझोर दिया। बिलासपुर में घोंघा नदी के तेज बहाव में साइकिल समेत तीन मासूम बह गए, जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं।

BILASPUR NEWS.छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। नदी-नालों के उफान और तेज गरज-चमक के बीच प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुए हादसों ने लोगों को झकझोर दिया। बिलासपुर में घोंघा नदी के तेज बहाव में साइकिल समेत तीन मासूम बह गए, जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं। बलरामपुर में एनीकट पार करते समय एक युवक नदी के तेज बहाव में लापता हो गया। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मकान पर आकाशीय बिजली गिरने से बैगा दंपती की मौत हो गई।
बहनों को लेने गया था भाई, नदी में समा गए तीनों
बिलासपुर जिले के समडील गांव में शनिवार शाम दर्दनाक हादसा हुआ। आशुतोष जायसवाल और विजय जायसवाल की बेटियां रिद्धी और सिद्धी (दोनों 8 वर्ष) नयापारा स्थित डीपी विप्र स्कूल में पढ़ती थीं। स्कूल की छुट्टी के बाद दोनों बहनों को घर लाने के लिए आशुतोष का 7 वर्षीय बेटा अनमोल साइकिल से स्कूल पहुंचा था।
घर लौटते समय तीनों बच्चे पुल से जाने के बजाय घोंघा नदी के रास्ते से निकल रहे थे। नदी के बीच पहुंचते ही तेज बहाव ने साइकिल समेत तीनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे की सूचना मिलते ही बचाव दल और गोताखोरों ने तलाश शुरू की। रविवार को तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए।
एनीकट पर बह रहा था पानी, पार करते वक्त युवक हुआ लापता
बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में रविवार सुबह करीब 9 बजे कन्हर नदी पर बने एनीकट में हादसा हो गया। झारखंड के गोदरमाना से छत्तीसगढ़ की ओर आ रहा युवक एनीकट पार कर रहा था। इसी दौरान तेज बहाव की चपेट में आने से वह नदी में बह गया।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। युवक की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ा हुआ है।
घर में बैठे दंपती पर गिरी गाज, दोनों की मौत
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम कटरा ढपनीपानी में भी बारिश के बीच आकाशीय बिजली ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। मोंगल सिंह और उनकी पत्नी बिरस्पतिया बाई बारिश और गरज-चमक के दौरान अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान अचानक मकान पर बिजली गिर गई।
गाज गिरते ही दोनों आंगन में बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल 108 संजीवनी एक्सप्रेस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
लगातार बारिश के बीच हुए इन हादसों ने एक बार फिर नदी-नालों के उफान और आकाशीय बिजली को लेकर सतर्क रहने की जरूरत सामने ला दी है।








