Crime News: 1 करोड़ की जमीन, ससुर की हत्या और नदी में शव ठिकाने की साजिश! गश्ती पुलिस ने दामाद का खेल किया बेनकाब
पठारीडीह निवासी मोहन निषाद ने हाल ही में करीब 1 करोड़ रुपये की जमीन बेची थी। रकम में हिस्सेदारी और पैसों की मांग को लेकर उसका बड़ा दामाद हेमराज निषाद से विवाद चल रहा था। 3 सितंबर की रात मोहन ने हेमराज को पार्टी में बुलाया था।

RAIPUR NEWS. जमीन बिक्री से मिले करीब 1 करोड़ रुपये के बंटवारे को लेकर ससुर-दामाद के बीच चल रहा विवाद आखिरकार खूनी वारदात में बदल गया। बड़े दामाद ने कथित तौर पर अपने ससुर की जीआई तार से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद दो सहयोगियों की मदद से शव को चादर में बांधकर टाटा मैजिक से खारुन नदी में फेंकने ले जा रहा था। लेकिन रात में गश्त कर रही पुलिस की नजर संदिग्ध वाहन पर पड़ते ही पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया।
शराब पार्टी में फिर उठा 1 करोड़ का मुद्दा
पुलिस के मुताबिक पठारीडीह निवासी मोहन निषाद ने हाल ही में करीब 1 करोड़ रुपये की जमीन बेची थी। रकम में हिस्सेदारी और पैसों की मांग को लेकर उसका बड़ा दामाद हेमराज निषाद से विवाद चल रहा था। 3 सितंबर की रात मोहन ने हेमराज को पार्टी में बुलाया था। शराब पीने के दौरान जमीन के पैसों को लेकर दोनों के बीच फिर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ी कि हेमराज ने कथित तौर पर जीआई तार से मोहन का गला घोंट दिया।
शव लेकर निकले, रास्ते में पुलिस ने रोका
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। शव को चादर में लपेटकर टाटा मैजिक वाहन CG04PV0780 में रखा गया और खारुन नदी में फेंकने के लिए निकल पड़े।
रात करीब 1:15 बजे धरसींवा थाना क्षेत्र के परसतराई में रायपुर-बिलासपुर रोड पर गश्त कर रही पुलिस टीम ने संदिग्ध टाटा मैजिक को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही चालक ने वाहन तेज रफ्तार में दौड़ा दिया और शीतला मंदिर के पास गाड़ी छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेतों की ओर भाग निकला।
गाड़ी की तलाशी में चादर में मिला शव
पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो अंदर चादर में बंधा मोहन निषाद का शव मिला। वाहन पर दर्ज मोबाइल नंबर की जांच शुरू हुई तो पुलिस को रावभाठा निवासी संजय उर्फ मोरध्वज चौहान का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ी और हत्या के पीछे की पूरी कहानी सामने आती चली गई।
बिलासपुर में छिपे थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद आरोपी बस से बिलासपुर पहुंचे और रतनपुर में छिप गए थे। पुलिस का दबाव बढ़ने पर मुख्य आरोपी हेमराज निषाद ने सरेंडर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसके चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को भी हिरासत में ले लिया।
चूंकि हत्या की मूल वारदात उरला थाना क्षेत्र में हुई थी, इसलिए धरसींवा पुलिस ने तीनों आरोपियों को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए उरला पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। मामले में आरोपियों से पूछताछ कर हत्या और शव ठिकाने लगाने की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।







