छत्तीसगढ़

Cyber Fraud: सावधान! फर्जी RTO चालान के नाम पर युवक से ₹7.42 लाख की साइबर ठगी

आरडीए कॉलोनी निवासी पीड़ित रोहित पाल को 10 से 16 अप्रैल के बीच एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को RTO अधिकारी बताते हुए कहा कि उसकी गाड़ी का चालान लंबित (Pending) है। जुर्माना भरने के बहाने ठग ने रोहित के मोबाइल पर एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने को कहा।

RAIPUR NEWS. राजधानी के टिकरापारा थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। ठगों ने परिवहन विभाग (RTO) का अधिकारी बनकर एक युवक को झांसे में लिया और उसके खाते से ₹7,42,209 पार कर दिए। पुलिस ने आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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ऐसे बुना ठगी का जाल

​जानकारी के अनुसार, आरडीए कॉलोनी निवासी पीड़ित रोहित पाल को 10 से 16 अप्रैल के बीच एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को RTO अधिकारी बताते हुए कहा कि उसकी गाड़ी का चालान लंबित (Pending) है। जुर्माना भरने के बहाने ठग ने रोहित के मोबाइल पर एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने को कहा।

मोबाइल हैक होते ही उड़ाए पैसे

​जैसे ही रोहित ने उस संदिग्ध फाइल को इंस्टॉल किया, साइबर ठगों ने उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस हासिल कर लिया। इसके कुछ ही देर बाद उसके बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर होने लगे। रोहित को इस धोखाधड़ी की भनक तब लगी जब अगले दिन उसके मोबाइल पर बैंक ट्रांजेक्शन के मैसेज आए। इतनी बड़ी रकम गायब देख परिजनों में हड़कंप मच गया।

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पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पवित्र पाल ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत केस दर्ज कर लिया है। साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल्स, बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है ताकि आरोपियों तक पहुँचा जा सके।

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