Bilaspur News: सनातन पर बयान से सियासी-सामाजिक बवाल, बिलासपुर में उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ FIR की मांग, एसपी को सौंपा गया आवेदन
सनातन धर्म पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर के खिलाफ बिलासपुर में विरोध तेज हो गया है। विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं और (RSS) से जुड़े स्वयंसेवकों ने शुक्रवार को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर औपचारिक आवेदन सौंपते हुए उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

BILASPUR NEWS. सनातन धर्म पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर के खिलाफ बिलासपुर में विरोध तेज हो गया है। विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं और (RSS) से जुड़े स्वयंसेवकों ने शुक्रवार को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर औपचारिक आवेदन सौंपते हुए उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में एक सार्वजनिक मंच से उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना जैसी बीमारियों से करते हुए विवादित टिप्पणी की थी। कार्यकर्ताओं का कहना है कि हाल के दिनों में भी विधानसभा के भीतर इसी तरह के बयान दोहराए गए, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
शिकायतकर्ताओं ने कहा कि ऐसे बयान सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों के जरिए व्यापक रूप से प्रसारित हुए हैं, जिसके कारण करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई है। उनका कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी धर्म या आस्था का सार्वजनिक रूप से अपमान स्वीकार्य नहीं हो सकता।
BNS की इन धाराओं में कार्रवाई की मांग
सौंपे गए आवेदन में नए आपराधिक कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई है। इनमें धारा 196 (धार्मिक समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने), धारा 299 (धार्मिक भावनाएं आहत करने) और धारा 353(2) (घृणा या अशांति फैलाने वाले वक्तव्य) जैसे प्रावधानों का हवाला दिया गया है। साथ ही पूर्ववर्ती IPC की धारा 153A, 295A और 505(2) के समतुल्य प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है।
कार्यकर्ताओं ने जिला पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए जल्द FIR दर्ज कर न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।








