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चमत्कारी पानी से इलाज और धर्मांतरण का झांसा देने वाला पास्टर व मकान मालिक गिरफ्तार

जांजगीर-चाम्पा जिला मुख्यालय के नजदीकी ग्राम उदयबंद में कथित तौर पर चंगाई सभा की आड़ में बीमारी ठीक करने का झांसा देकर धर्मांतरण कराने और हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का मामला सामने आया है।

JANJGIR NEWS. जांजगीर-चाम्पा जिला मुख्यालय के नजदीकी ग्राम उदयबंद में कथित तौर पर चंगाई सभा की आड़ में बीमारी ठीक करने का झांसा देकर धर्मांतरण कराने और हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का मामला सामने आया है। हिंदू संगठन की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सिटी कोतवाली पुलिस ने चंगाई सभा का आयोजन करने वाले मुख्य पास्टर और मकान मालिक सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मौके से ईसाई धर्म से संबंधित प्रचार सामग्री और धार्मिक पुस्तकें भी जब्त की हैं।

इलाज के नाम पर बुलाई गई थी भीड़

मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह ग्राम उदयबंद के गुड़ीपारा इलाके के निवासी बद्रीनाथ बरेठ के घर पर एक चंगाई सभा का आयोजन किया जा रहा था। इस सभा में गांव और आसपास के क्षेत्र की महिलाओं तथा पुरुषों को बड़ी संख्या में एकत्रित किया गया था। आरोप है कि सभा में आए लोगों को अंधविश्वास का झांसा देकर बताया जा रहा था कि उनके पास एक ‘चमत्कारी पानी’ है, जिसे पीने से गंभीर से गंभीर बीमारियां पूरी तरह ठीक हो जाती हैं। इलाज के नाम पर लोगों को बहला-फुसलाकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था और मौके पर बाइबल व अन्य धार्मिक पुस्तकें बांटी जा रही थीं।

सनातन देवी-देवताओं पर की अमर्यादित टिप्पणी

इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्य पास्टर ने हिंदू देवी-देवताओं को लेकर बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित बातें कहीं। पास्टर ने उपस्थित भीड़ से कहा कि “तुम्हारे शिव, विष्णु और ब्रह्मा कुछ नहीं कर सकते, जबकि ईसा मसीह का दिया हुआ दो घूंट पानी पीने से तुम्हारी सभी बीमारियां ठीक हो सकती हैं।” इस पूरी घटना और पास्टर के इस विवादित बयान का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

हिंदू संगठन की सतर्कता से खुला मामला

ग्राम उदयबंद में चल रही इस संदिग्ध गतिविधि की सूचना हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता सतीश सोनी को मिली। सूचना मिलते ही सतीश सोनी अपने अन्य साथियों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने बड़े पैमाने पर चल रहे इस धर्मांतरण के खेल को देखा। इसके बाद हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने सिटी कोतवाली थाना पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, आरोपी भेजे गए जेल

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांजगीर पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया। पुलिस ने शिकायतकर्ता की रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 और 3(5) के तहत अपराध पंजीकृत कर जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मकान मालिक बद्रीनाथ बरेठ (40 वर्ष) और मुख्य आरोपी पास्टर रथराम महिलांगे (38 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और वीडियो साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है।

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