छत्तीसगढ़

Viral Video: सोने की बाली खोजने स्कूल में कराया ‘टोटका’, बच्चों को बीमारी का डर दिखाने वाली शिक्षिका सस्पेंड

ग्राम जर्व निवासी गीता कुम्भकार (38) बलौदा विकासखंड के काठापाली स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में सहायक शिक्षक (एल.बी.) के पद पर पदस्थ हैं। बताया गया कि 23 जुलाई को स्कूल परिसर में उनकी एक सोने की बाली गुम हो गई थी।

JANJGIR NEWS. जिले के एक शासकीय प्राथमिक स्कूल में अंधविश्वास फैलाने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। स्कूल परिसर में गुम हुई सोने की बाली तलाशने के लिए कथित तौर पर टोटका करने और बच्चों को बीमारी का डर दिखाने वाली सहायक शिक्षिका को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग हरकत में आया।

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जानकारी के अनुसार, ग्राम जर्व निवासी गीता कुम्भकार (38) बलौदा विकासखंड के काठापाली स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में सहायक शिक्षक (एल.बी.) के पद पर पदस्थ हैं। बताया गया कि 23 जुलाई को स्कूल परिसर में उनकी एक सोने की बाली गुम हो गई थी। काफी तलाश के बावजूद बाली नहीं मिलने पर 31 जुलाई को शिक्षिका लाल कपड़े में नारियल, चावल और मौली लेकर स्कूल पहुंचीं।

आरोप है कि उन्होंने इन सामग्रियों को बच्चों से स्पर्श करवाया और कहा कि जिसे बाली के बारे में जानकारी होगी, यदि वह नहीं बताएगा तो उसे उल्टी-दस्त, पेट दर्द, तेज बुखार जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। शिक्षिका की इस बात से बच्चे घबरा गए।

स्कूल से घर लौटने पर बच्चों ने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई। इसके बाद अभिभावकों ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) से शिकायत की। इसी बीच घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। BEO की जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को भेजी गई।

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जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने मामले का संज्ञान लेते हुए शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें बीईओ कार्यालय बलौदा से संबद्ध किया गया है।

शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में कहा कि शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच और अंधविश्वास से दूर रहने की शिक्षा दी जाती है। ऐसे में किसी शिक्षक द्वारा इस प्रकार का कृत्य गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है, इसलिए विभागीय कार्रवाई आवश्यक थी।

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