नदी के तेज बहाव में बाइक समेत डूब रहे थे दो युवक, तीन युवकों ने मौत से खींच लाई जिंदगी
नदी का तेज बहाव… पानी में फंसी मोटरसाइकिल और जिंदगी-मौत के बीच जूझते दो युवक। मौके पर मौजूद तीन युवकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में उतरकर ऐसा साहस दिखाया कि दोनों की जिंदगी बच गई। यह मामला मस्तूरी थाना क्षेत्र की चौकी मल्हार अंतर्गत मनाडेरा रोड पर स्थित लीलागर नदी का है।

BILASPUR NEWS.नदी का तेज बहाव… पानी में फंसी मोटरसाइकिल और जिंदगी-मौत के बीच जूझते दो युवक। मौके पर मौजूद तीन युवकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में उतरकर ऐसा साहस दिखाया कि दोनों की जिंदगी बच गई। यह मामला मस्तूरी थाना क्षेत्र की चौकी मल्हार अंतर्गत मनाडेरा रोड पर स्थित लीलागर नदी का है।
घटना 20 अगस्त 2026 की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार चकरबेड़ा निवासी गुड़ा टंडन और दुर्गेश टंडन, दोनों मोटरसाइकिल समेत नदी पार करते समय तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में गिर गए। दोनों युवक पानी में फंसकर डूबने लगे। उनकी चीख-पुकार सुनकर मनाडेरा निवासी मोहन लाल केवट (24) अपने साथी महेश केवट और आदित्य केवट उर्फ करण के साथ तत्काल मदद के लिए पहुंचे।
हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे, लेकिन तीनों ने हिम्मत नहीं हारी। सूझबूझ दिखाते हुए उन्होंने लकड़ी की सहायता से नदी में फंसे दोनों युवकों तक पहुंच बनाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते हुए किए गए इस साहसिक प्रयास से दोनों युवकों की जान बच गई।
जान जोखिम में डालकर बचाई दो जिंदगियां
नदी के तेज बहाव के बीच बिना किसी सुरक्षा उपकरण के दूसरों की जान बचाने के लिए आगे आने वाले मोहन, महेश और करण के साहस की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। उनके इस कार्य ने यह साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में इंसानियत सबसे बड़ी ताकत होती है।
एसएसपी ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
तीनों युवकों के साहस और मानवता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान उनके साहस, तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता की प्रशंसा की गई।
पुलिस विभाग ने कहा कि बिना किसी स्वार्थ के संकट में फंसे लोगों की जान बचाने के लिए आगे आना सामाजिक जिम्मेदारी और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण है। विभाग ने यह भी बताया कि ऐसे साहसी लोगों को एसडीआरएफ की टीम से प्रशिक्षण दिलाकर ‘जल मितान’ के रूप में नियुक्त किया जाएगा और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि भविष्य में जल दुर्घटनाओं के दौरान समय रहते लोगों की जान बचाई जा सके।













