इश्क, इंतकाम और इंस्टाग्राम का झूठा जाल: एक्स-बॉयफ्रेंड को फंसाने खुद बनाई फर्जी आईडी, अश्लील मैसेज भेजकर रची साजिश, युवती गिरफ्तार
प्रेम संबंध टूटने के बाद बदला लेने की भावना में एक युवती ने ऐसी साजिश रची, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र में रहने वाली युवती ने अपने पूर्व प्रेमी को झूठे मामले में फंसाने और उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने के लिए उसके नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई।

इश्क, इंतकाम और इंस्टाग्राम का झूठा जाल: एक्स-बॉयफ्रेंड को फंसाने खुद बनाई फर्जी आईडी, अश्लील मैसेज भेजकर रची साजिश, युवती गिरफ्तार
BILASPUR NEWS.प्रेम संबंध टूटने के बाद बदला लेने की भावना में एक युवती ने ऐसी साजिश रची, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र में रहने वाली युवती ने अपने पूर्व प्रेमी को झूठे मामले में फंसाने और उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने के लिए उसके नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई। इतना ही नहीं, उसी फर्जी अकाउंट से खुद को अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेजकर थाने में शिकायत भी दर्ज करा दी। हालांकि साइबर सेल की तकनीकी जांच में पूरा सच सामने आ गया और अब शिकायतकर्ता युवती ही सलाखों के पीछे पहुंच गई है।
पुलिस के अनुसार तोरवा निवासी प्रीति सूर्यवंशी (26) और तिफरा निवासी संजय रात्रे के बीच पहले प्रेम संबंध थे। दोनों के बीच रिश्ता खत्म होने के बाद युवती ने युवक को सबक सिखाने की ठान ली। इसी उद्देश्य से उसने संजय के नाम से इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल तैयार कर सोशल मीडिया पर साजिश का जाल बुनना शुरू कर दिया।
पहले खुद को भेजे अश्लील मैसेज, फिर पहुंची थाने
प्रीति ने 1 जनवरी 2026 को तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि संजय रात्रे के नाम से संचालित इंस्टाग्राम अकाउंट से उसे लगातार अश्लील संदेश भेजे जा रहे हैं और ब्लैकमेल किया जा रहा है। शिकायत के समर्थन में उसने मैसेज के स्क्रीनशॉट भी पुलिस को सौंपे।
इधर, जब संजय रात्रे को अपने नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट चलने की जानकारी मिली, तो उसने भी 15 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसने आशंका जताई कि कोई व्यक्ति उसकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है।
साइबर सेल की जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच
मामले की गंभीरता को देखते हुए तोरवा पुलिस और साइबर सेल ने सोशल मीडिया अकाउंट, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की। जांच में पता चला कि जिस इंस्टाग्राम आईडी से अश्लील संदेश भेजे जा रहे थे, उसका संचालन किसी और ने नहीं बल्कि स्वयं शिकायतकर्ता प्रीति सूर्यवंशी ने अपने मोबाइल फोन से किया था।
तकनीकी साक्ष्यों ने युवती की पूरी कहानी की परतें खोल दीं। जांच में स्पष्ट हो गया कि उसने पूर्व प्रेमी को फंसाने और बदनाम करने के उद्देश्य से यह पूरा फर्जीवाड़ा रचा था।
गिरफ्तारी के बाद भेजी गई जेल
पर्याप्त डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य मिलने के बाद तोरवा पुलिस ने आरोपी युवती को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य डिजिटल पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी को झूठे मामले में फंसाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।







