मकान-जमीन के विवाद में नाना की बेरहमी से हत्या, टांगी-फावड़े से हमला करने वाले दो नातियों को उम्रकैद
पुश्तैनी मकान और जमीन के विवाद में अपने ही नाना की हत्या करने वाले दो सगे नातियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता श्रीवास्तव की अदालत ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी ओमप्रकाश डनसेना (24) और कार्तिक डनसेना (19) को दोषी ठहराया।

RAIGHAR NEWS.पुश्तैनी मकान और जमीन के विवाद में अपने ही नाना की हत्या करने वाले दो सगे नातियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता श्रीवास्तव की अदालत ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी ओमप्रकाश डनसेना (24) और कार्तिक डनसेना (19) को दोषी ठहराया।
मकान और पीएम आवास को लेकर था विवाद
अभियोजन के अनुसार खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम सोण्डका निवासी गेंदलाल डनसेना (62) का अपने नातियों के साथ पुश्तैनी मकान, जमीन और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले मकान पर अधिकार को लेकर विवाद चल रहा था। ओमप्रकाश और कार्तिक दोनों मृतक के साथ ही रहते थे।
पारिवारिक बैठक में बढ़ा विवाद, कमरे में छिपे तो तोड़ दिया दरवाजा
घटना से एक दिन पहले 25 दिसंबर 2022 को आरोपियों ने गेंदलाल के छोटे भाई के घर में घुसकर तोड़फोड़ की थी। इसके अगले दिन 26 दिसंबर को परिवार के लोगों की बैठक में विवाद फिर बढ़ गया।
अभियोजन के मुताबिक, विवाद के दौरान गेंदलाल अपनी जान बचाने के लिए एक कमरे में जाकर छिप गए। आरोपियों ने कथित तौर पर गैस सिलेंडर की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ दिया और अंदर घुसकर टांगी, फावड़े और डंडे से उन पर हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण गेंदलाल की मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने दोनों को किया गिरफ्तार
हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। कार्तिक डनसेना को मौके से, जबकि ओमप्रकाश डनसेना को अगले दिन गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से भौतिक साक्ष्य जुटाने के साथ प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए।
मजबूत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में खरसिया पुलिस और जोबी चौकी प्रभारी द्वारा मामले की विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया गया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत मौखिक एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत के फैसले के बाद करीब साढ़े तीन साल पुराने इस हत्याकांड का न्यायिक रूप से पटाक्षेप हो गया।








