बैंक एजेंट बनकर किया फोन, भरोसे में लेते ही खाते से उड़ाए 2.83 लाख
बैंक प्रतिनिधि बनकर साइबर ठग ने तोरवा क्षेत्र के एक बुजुर्ग को अपने जाल में फंसा लिया। खाते से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया पूरी कराने का झांसा देकर ठग ने मोबाइल पर गोपनीय बैंकिंग जानकारी दर्ज कराई और इसके बाद देखते ही देखते खाते से रकम निकलती चली गई। आरोपी ने महज कुछ समय में 34 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 2 लाख 83 हजार रुपए पार कर दिए।

BILASPUR NEWS.बैंक प्रतिनिधि बनकर साइबर ठग ने तोरवा क्षेत्र के एक बुजुर्ग को अपने जाल में फंसा लिया। खाते से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया पूरी कराने का झांसा देकर ठग ने मोबाइल पर गोपनीय बैंकिंग जानकारी दर्ज कराई और इसके बाद देखते ही देखते खाते से रकम निकलती चली गई। आरोपी ने महज कुछ समय में 34 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 2 लाख 83 हजार रुपए पार कर दिए। मामले में तोरवा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक अधिकारी बनकर आया कॉल
तोरवा के शांति बिहार निवासी रेलवे के सेवानिवृत्त सीनियर तकनीशियन जी. भीाराव (60) के मोबाइल पर 11 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताया और खाते से संबंधित जरूरी प्रक्रिया पूरी करने की बात कही।
पीड़ित उसके झांसे में आ गए और बताए गए तरीके से मोबाइल पर गोपनीय बैंकिंग जानकारी दर्ज कर दी। जानकारी सबमिट करते ही उनके मोबाइल पर खाते से रकम कटने के मैसेज आने शुरू हो गए।
एक-दो नहीं, 34 बार हुआ ट्रांजेक्शन
लगातार रकम कटने के मैसेज देखकर पीड़ित के होश उड़ गए। जांच करने पर पता चला कि साइबर ठग ने एक-दो नहीं, बल्कि 34 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए खाते से कुल 2.83 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए हैं।
ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित ने बैंक से खाते का स्टेटमेंट निकलवाया और तत्काल मामले की शिकायत तोरवा थाने में की।
पुलिस ने शुरू की साइबर जांच
पीड़ित ने ठगी की रकम जिन खातों में ट्रांसफर हुई है, उन्हें होल्ड कराने की मांग भी की है। शिकायत के आधार पर तोरवा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस साइबर सेल की मदद से आरोपी के मोबाइल नंबर, बैंक खातों और 34 ट्रांजेक्शन की जानकारी खंगाल रही है।
सावधानी जरूरी
बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी, पिन, पासवर्ड या अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा करने के लिए नहीं कहता। ऐसे किसी भी कॉल पर जानकारी देने से पहले बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन से इसकी पुष्टि करना जरूरी है।








