“काम के बीच अचानक मौत का धमाका! सक्ती वेदांता ब्लास्ट में 16 की मौत, मुआवजा + नौकरी का ऐलान”
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में मंगलवार दोपहर एक भीषण औद्योगिक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। वेदांता पावर प्लांट में अचानक हुए बॉयलर ब्लास्ट में अब तक 16 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों में कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।

सक्ती में मौत का धमाका: वेदांता प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट, 16 मजदूरों की दर्दनाक मौत, 36 झुलसे
Sakti news. छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में मंगलवार दोपहर एक भीषण औद्योगिक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। वेदांता पावर प्लांट में अचानक हुए बॉयलर ब्लास्ट में अब तक 16 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों में कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।
धमाका इतना जबरदस्त कि दहल उठा पूरा प्लांट
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट इतना तेज था कि प्लांट का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया। हादसे के समय मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चार मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 12 अन्य ने इलाज के दौरान जान गंवाई।
अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग
घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है—
जिंदल अस्पताल, रायगढ़ में 10 मजदूर भर्ती हैं, जो 15% से 100% तक झुलसे हुए हैं
बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में भी कई घायलों का इलाज जारी है
मृतकों में ठंडाराम, पप्पू कुमार, अमृत लाल पटेल (50) और उत्तर प्रदेश निवासी बृजेश कुमार की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य की शिनाख्त जारी है।
परिजनों का फूटा गुस्सा, जांच के आदेश
हादसे के बाद प्लांट के बाहर परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और मुआवजे व कार्रवाई की मांग की। हालात को देखते हुए कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी घटना पर गहरा दुख जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
मुआवजे की घोषणा
हादसे के बाद राहत राशि का ऐलान किया गया है—
वेदांता प्रबंधन: मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और एक सदस्य को नौकरी, घायलों को 15-15 लाख रुपये
प्रधानमंत्री राहत कोष (PMNRF): मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये
राहत और बचाव कार्य जारी
प्रशासन और बचाव दल मौके पर तैनात हैं। मलबे में फंसे मजदूरों की तलाश जारी है। इस दर्दनाक हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।








