बहन-जीजा को बिजनेस में दोगुने मुनाफे का सपना दिखाया, 1.25 करोड़ का लगा दिया चूना!
राजधानी के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाला धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक भाई ने बिजनेस में बड़ा मुनाफा और निवेश की रकम दोगुनी करने का झांसा देकर अपनी ही बहन और जीजा से करीब 1.25 करोड़ रुपये निवेश करा लिए।

RAIPUR NEWS.राजधानी के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाला धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक भाई ने बिजनेस में बड़ा मुनाफा और निवेश की रकम दोगुनी करने का झांसा देकर अपनी ही बहन और जीजा से करीब 1.25 करोड़ रुपये निवेश करा लिए। रकम वापस मांगने पर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बहन को साझेदारी फर्म से बाहर कर दिया गया। मामले में पुलिस ने भाई-भाभी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना समेत विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
2020 में निवेश कराया, मुनाफे का दिया भरोसा
नागपुर के लॉ कॉलेज स्क्वायर निवासी शिवांगी गर्ग (43) ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक उनके भाई शुभम सिंघल और भाभी जया सिंघल रायपुर में ‘अधिराज सीमेंट’ और ‘अधिराज ट्रेडलिंक’ नाम से साझेदारी फर्म संचालित करते हैं।
आरोप है कि वर्ष 2020 में शुभम ने कारोबार के विस्तार और भारी मुनाफे का भरोसा दिलाकर बहन और जीजा को निवेश के लिए तैयार किया। भरोसे में आकर दंपति ने अलग-अलग किस्तों में नकद और बैंक ट्रांसफर के जरिए करीब 1.25 करोड़ रुपये निवेश कर दिए। शुरुआत में विश्वास बनाए रखने के लिए मुनाफे के नाम पर कुछ रकम भी भेजी गई।
रकम मांगी तो बदला रवैया
समय बीतने के बाद जब शिवांगी ने अपनी मूल रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर उन्हें टालने का सिलसिला शुरू हो गया। शिकायत के अनुसार, दबाव बढ़ने पर 4 अप्रैल 2025 को कागजी प्रक्रिया के जरिए दंपति को दोनों फर्मों में पार्टनर बनाया गया। इसी दौरान शुभम को साझेदारी से अलग होना दर्शाया गया। इसके बाद मुनाफे की रकम का भुगतान भी बंद हो गया।
जनवरी 2026 में रायपुर में हुई पारिवारिक बैठक में रकम जल्द लौटाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन शिकायतकर्ता के मुताबिक इसके बाद भी भुगतान नहीं किया गया।
RTI ने खोला फर्जी हस्ताक्षर का राज
लगातार टालमटोल के बाद शिवांगी गर्ग ने रजिस्ट्रार ऑफ फर्म्स से RTI के जरिए साझेदारी से जुड़े दस्तावेज हासिल किए। दस्तावेज सामने आने के बाद कथित जालसाजी का खुलासा हुआ।
शिकायत के अनुसार, 6 मार्च और 6 अप्रैल 2026 की पार्टनरशिप डीड में शिवांगी के हस्ताक्षर दर्शाते हुए उन्हें दोनों फर्मों से ‘रिटायर्ड’ दिखा दिया गया था। उनका आरोप है कि इन दस्तावेजों पर जिन तारीखों में उनके हस्ताक्षर दिखाए गए, उन दिनों वह रायपुर में मौजूद ही नहीं थीं।
भाई-भाभी के खिलाफ BNS की धाराओं में केस
शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तेलीबांधा पुलिस ने शुभम सिंघल और जया सिंघल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब निवेश की रकम, साझेदारी से जुड़े दस्तावेजों और कथित फर्जी हस्ताक्षरों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।







