News

पेपर लीक माफिया पर कसेगा शिकंजा, युवाओं के भविष्य को मिलेगी सुरक्षा: दुर्गेश पाण्डेय

पेपर लीक, संगठित नकल और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में लोकसभा द्वारा लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किए जाने का भाजपा ने स्वागत किया है।

BILASPUR NEWS.पेपर लीक, संगठित नकल और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में लोकसभा द्वारा लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किए जाने का भाजपा ने स्वागत किया है। भाजपा बिलासपुर शहर जिला मीडिया सहप्रभारी दुर्गेश पाण्डेय ने इसे देश की परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और निष्पक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

 

दुर्गेश पाण्डेय ने कहा कि वर्षों से पेपर लीक और परीक्षा माफिया जैसी गतिविधियां मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती रही हैं। ऐसे में संशोधित विधेयक से यह स्पष्ट संदेश गया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई का रास्ता और मजबूत होगा।

 

उन्होंने कहा कि विधेयक में पेपर लीक तथा परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े अपराधों के खिलाफ कठोर दंड, त्वरित जांच और शीघ्र न्याय की व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही तकनीक के दुरुपयोग और संगठित अपराधों पर नियंत्रण के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।

 

‘मेहनत और प्रतिभा के आधार पर मिले सफलता’

 

पाण्डेय ने कहा कि देश का प्रत्येक विद्यार्थी अपनी मेहनत, प्रतिभा और समर्पण के बल पर सफलता हासिल करना चाहता है। यदि परीक्षा प्रणाली निष्पक्ष और पारदर्शी होगी तो योग्य अभ्यर्थियों को उनका वास्तविक अधिकार मिलेगा और देश को भी योग्य मानव संसाधन प्राप्त होगा।

 

उन्होंने कहा कि यह विधेयक महज कानूनी संशोधन नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक संकल्प है। इससे परीक्षा व्यवस्था में ईमानदारी और भरोसा कायम करने में मदद मिलेगी।

 

भाजपा नेता ने कहा कि लोकसभा से विधेयक का पारित होना शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में सकारात्मक और दूरदर्शी पहल है। अब सबसे जरूरी है कि कानून का प्रभावी, निष्पक्ष और सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली धांधली पर स्थायी रूप से रोक लग सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल देश की परीक्षा प्रणाली को युवाओं के हित में और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज, किडनी को हो सकता है गंभीर नुकसान one plus 15 launch in india