Crime News: मोबाइल नहीं मिला तो रची ‘जिंदा जलाने’ की साजिश! CCTV विवाद के बाद ढाबे पर पेट्रोल छिड़कने वाले 6 गिरफ्तार
घटना की शुरुआत 14 जुलाई को हुई, जब कुछ युवक अपने खोए हुए मोबाइल की तलाश में एक ढाबे पर पहुंचे। उन्होंने करीब 45 मिनट तक सीसीटीवी फुटेज खंगाली, लेकिन मोबाइल नहीं मिला।

BILASPUR NEWS. मोबाइल फोन की तलाश में सीसीटीवी फुटेज देखने से शुरू हुआ विवाद कुछ ही घंटों में जानलेवा हमले तक पहुंच गया। सकरी थाना क्षेत्र में छह युवकों ने कथित तौर पर ढाबा संचालक और कर्मचारियों को जिंदा जलाने की कोशिश की। आरोपियों ने ढाबे में पेट्रोल छिड़ककर लाइटर से आग लगाने का प्रयास किया और चाकू दिखाकर दहशत फैला दी। पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक, घटना की शुरुआत 14 जुलाई को हुई, जब कुछ युवक अपने खोए हुए मोबाइल की तलाश में एक ढाबे पर पहुंचे। उन्होंने करीब 45 मिनट तक सीसीटीवी फुटेज खंगाली, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। इस बात को लेकर आरोपियों का ढाबे के कर्मचारी से विवाद हो गया और मारपीट भी हुई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच रंजिश पैदा हो गई।
अगले ही दिन 15 जुलाई की सुबह आरोपी अपने चार अन्य साथियों के साथ फिर ढाबे पर पहुंचे। आरोप है कि सभी ने मिलकर ढाबा संचालक इस्माइल खान उर्फ सोनू और कर्मचारियों के साथ मारपीट की, गाली-गलौज की तथा जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान आरोपियों ने पेट्रोल छिड़ककर ढाबे और संचालक को आग के हवाले करने का प्रयास किया। वारदात के दौरान बटनदार चाकू सहित अन्य हथियार दिखाकर कर्मचारियों को डराया-धमकाया गया।
सूचना मिलते ही सकरी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों—संकेत कुमार जायसवाल उर्फ छोटू, राजवीर बाबरा, लारेन फ्रांसिस, राहुल गहरवरिया, आर्यन दुबे उर्फ तुषार और राहुल श्रीवास्तव—को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से बटनदार चाकू, घटना में प्रयुक्त अन्य सामग्री और सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिया है।आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।








