Crime News: सोना चमकाने और लोन बढ़ाने का झांसा, खातों से उड़ाए 90 लाख! महिला समेत 3 आरोपी गिरफ्तार
ग्राम जेठा निवासी मूलचंद राठौर (48) ने बाराद्वार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 31 अक्टूबर 2025 से 5 मई 2026 के बीच आरोपियों ने मूलचंद, उनकी पत्नी फूलबाई राठौर और बेटों सुभाष व विनय के बैंक खातों से अलग-अलग माध्यमों के जरिए कुल 90,28,500 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवाए।

SAKTI NEWS. सोने के नवीनीकरण और बैंक लोन की अवधि बढ़ाने का झांसा देकर एक परिवार से 90 लाख 28 हजार 500 रुपये की ठगी करने वाले कथित गिरोह का बाराद्वार पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने परिवार को अधिक पैसा कमाने और ऋण संबंधी सुविधाएं दिलाने का लालच देकर अपने जाल में फंसाया था।
ग्राम जेठा निवासी मूलचंद राठौर (48) ने बाराद्वार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 31 अक्टूबर 2025 से 5 मई 2026 के बीच आरोपियों ने मूलचंद, उनकी पत्नी फूलबाई राठौर और बेटों सुभाष व विनय के बैंक खातों से अलग-अलग माध्यमों के जरिए कुल 90,28,500 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवाए।
UPI से लेकर RTGS तक, कई माध्यमों से ट्रांसफर हुई रकम
पुलिस जांच में सामने आया कि कथित ठगी की रकम UPI, NEFT, RTGS और IMPS के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने बैंक लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक सक्ती के निर्देशन और थाना प्रभारी नरेंद्र यादव के नेतृत्व में गठित टीम ने लेनदेन से जुड़े खातों और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके बाद पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
महिला समेत तीन गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रेखा राठौर (37), निवासी निमधा, मरवाही; अफरोज खान (46), निवासी पेण्ड्रा; और सुभाष कुमार साहू (34), निवासी चांटीडीह, बिलासपुर के रूप में की है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 61(2) और 112 के तहत कार्रवाई की है। पुलिस अब मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही ठगी की रकम किन-किन खातों में पहुंची, इसके अलावा गिरोह में शामिल अन्य लोगों और उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ठगी के नेटवर्क और रकम के लेनदेन से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।








