छत्तीसगढ़
Raipur News: शराब घोटाला मामला: रायपुर जेल से रिहा हुए चैतन्य बघेल, शर्तों पर मिली जमानत
शराब घोटाला मामले में जेल में बंद रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को आखिरकार राहत मिल गई। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आज उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। रिहाई के दौरान जेल के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी भीड़ जमा रही और समर्थकों ने नारेबाजी कर खुशी जाहिर की।

RAIPUR NEWS. शराब घोटाला मामले में जेल में बंद रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को आखिरकार राहत मिल गई। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आज उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। रिहाई के दौरान जेल के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी भीड़ जमा रही और समर्थकों ने नारेबाजी कर खुशी जाहिर की।
बताया जा रहा है कि डीजे कोर्ट से जमानत आदेश मिलने के बाद वकीलों की टीम जेल पहुंची, जिसके कुछ देर बाद चैतन्य बघेल जेल से बाहर आए। चैतन्य बघेल जुलाई 2025 से जेल में बंद थे और करीब छह माह बाद उन्हें जमानत मिली है।
इन शर्तों पर मिली जमानत
हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल को कई शर्तों के साथ जमानत दी है। जमानत की प्रमुख शर्तों में—
-अपना पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट में जमा करना,
-केस से जुड़े किसी भी व्यक्ति को प्रलोभन या धमकी नहीं देना,
-मोबाइल नंबर या निवास पता बदलने पर कोर्ट को सूचना देना शामिल है।
-जमानत पर छिड़ी राजनीतिक बयानबाजी
चैतन्य बघेल की जमानत के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। शहर में सत्यमेव जयते लिखे पोस्टर लगाए जाने पर कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कवासी लखमा लंबे समय से जेल में बंद हैं, उनके लिए कभी पोस्टर क्यों नहीं लगे?
रामविचार नेताम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति परिवारवाद पर आधारित है और गिरफ्तारी तथ्यों व सबूतों के आधार पर होती है।
कांग्रेस ने बताया सत्य की जीत
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चैतन्य बघेल की रिहाई को सत्य की जीत करार दिया है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शराब घोटाले में चैतन्य बघेल और कवासी लखमा को राजनीतिक एजेंट बताया है। हाल ही में ईडी ने इस मामले में पूरक चार्जशीट दाखिल की है। बताया जा रहा है कि इस घोटाले में अब तक 80 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है।




