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अविश्वास प्रस्ताव से पहले पंचायत राजनीति में मचा बवाल, पंच की यूपी में संदिग्ध मौत से उठे कई सवाल

अविश्वास प्रस्ताव से पहले महासमुंद जिले की ग्राम पंचायत ठाकुरदिया खुर्द में पंच की उत्तर प्रदेश में संदिग्ध मौत से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सरपंच ने इसे साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

CG NEWS: पिथौरा, महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत ठाकुरदिया खुर्द में 3 जुलाई को प्रस्तावित अविश्वास मत से पहले एक पंच की उत्तर प्रदेश में हुई संदिग्ध मौत ने स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। वार्ड क्रमांक 2 के पंच केशव राम सिन्हा की प्रयागराज जिले के घूरपुर क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।

मौजूदा सरपंच मनोज सिन्हा ने इस मामले को केवल दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए इसे राजनीतिक साजिश से जोड़ दिया है। उनका आरोप है कि अविश्वास प्रस्ताव के मतदान को प्रभावित करने के उद्देश्य से कुछ लोगों ने पंच को उनकी इच्छा के विरुद्ध अपने साथ ले जाकर साजिश रची।

जानकारी के अनुसार, पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर दोनों पक्ष सक्रिय थे और पंचों के समर्थन जुटाने की कोशिशें चल रही थीं। इसी दौरान कुछ पंचों को अयोध्या दर्शन के लिए ले जाया गया था। बताया जा रहा है कि यात्रा के दौरान एक ढाबे पर भोजन करते समय केशव राम के मोबाइल पर फोन आया। फोन पर बात करते हुए सड़क की ओर जाने के दौरान वह एक तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई।

सरपंच मनोज सिन्हा का दावा है कि मृतक पंच ने फोन पर उन्हें बताया था कि उन्हें उनकी इच्छा के खिलाफ बाहर ले जाया गया है और वे जल्द वापस लौटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वह समय पर वापस नहीं लौट पाए तो मामले की सूचना पुलिस को दी जाए।

वहीं, पंच को अपने साथ ले जाने वाले अजय नायक ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वे ग्रामीणों के साथ धार्मिक यात्रा पर निकले थे और दुर्घटना पूरी तरह से आकस्मिक थी। उनके अनुसार, प्रयागराज के घूरपुर क्षेत्र में भोजन के दौरान फोन पर बात करते हुए सड़क की ओर बढ़े केशव राम को पीछे से आए एक तेज रफ्तार ऑटो ने टक्कर मार दी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन उत्तर प्रदेश रवाना हो गए हैं। स्थानीय पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। इधर, पंचायत क्षेत्र में मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि सभी परिस्थितियों की गहराई से जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।

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