Bilaspur News: अरपा का रौद्र रूप: शहर में घुसा पानी, कई इलाके बने टापू
बारिश का सबसे अधिक असर निचले इलाकों में देखने को मिला। दोमुहानी क्षेत्र के 10 से अधिक घर चारों तरफ से पानी से घिर गए और लोग रातभर घरों में फंसे रहे। हालात इतने गंभीर हो गए कि सिविल लाइंस स्थित कलेक्टर बंगले में भी पानी घुस गया, जिसके बाद नगर निगम की टीम को तत्काल जल निकासी में लगाया गया।

BILASPUR NEWS. लगातार 24 घंटे की मूसलाधार बारिश ने बिलासपुर में 20 साल बाद बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब अरपा चेक डैम की नहर टूट गई और देवरीखुर्द, मानिकपुर समेत कई रिहायशी इलाकों में तेज़ी से पानी घुस गया। देखते ही देखते सड़कें नदी में बदल गईं, घरों में पानी भर गया और पूरा शहर जलमग्न हो गया।
बारिश का सबसे अधिक असर निचले इलाकों में देखने को मिला। दोमुहानी क्षेत्र के 10 से अधिक घर चारों तरफ से पानी से घिर गए और लोग रातभर घरों में फंसे रहे। हालात इतने गंभीर हो गए कि सिविल लाइंस स्थित कलेक्टर बंगले में भी पानी घुस गया, जिसके बाद नगर निगम की टीम को तत्काल जल निकासी में लगाया गया।

पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 74.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सीपत में सबसे ज्यादा 110.2 मिमी वर्षा हुई। भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और कई कॉलोनियों में जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
बारिश का असर रेलवे पर भी पड़ा। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के कारण दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने पांच मेमू ट्रेनों को रद्द कर दिया, जबकि तीन ट्रेनों का मार्ग बदलना पड़ा। वहीं, जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया।शहर के कई हिस्सों में ट्रांसफार्मर पानी में डूब जाने से बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। इसके चलते कई इलाकों में ब्लैकआउट और पेयजल संकट की स्थिति बन गई। सड़क और नालों का अंतर खत्म होने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

इधर, सरकंडा, चांटीडीह और बंधवापारा जैसे जलमग्न इलाकों में SDRF और नगर निगम की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। नावों की मदद से अब तक 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों और उफनते नदी-नालों से दूर रहने तथा आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।







