Crime News: NEET में तीसरी बार असफल, टूट गए डॉक्टर बनने के सपने: रिजल्ट देखने के कुछ घंटे बाद छात्रा ने दी जान
आड़ावाल खासपारा निवासी सुरला हरिका राव नायडू (20) पिछले तीन वर्षों से डॉक्टर बनने के लक्ष्य के साथ नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। गुरुवार रात परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उसने लैपटॉप पर अपना रिजल्ट देखा।

JAGDALPUR NEWS. मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में लगातार तीसरी बार सफलता नहीं मिलने से आहत 20 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह दर्दनाक घटना बस्तर संभाग के जगदलपुर के बोधघाट थाना क्षेत्र स्थित आड़ावाल की है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस के अनुसार, आड़ावाल खासपारा निवासी सुरला हरिका राव नायडू (20) पिछले तीन वर्षों से डॉक्टर बनने के लक्ष्य के साथ नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। गुरुवार रात परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उसने लैपटॉप पर अपना रिजल्ट देखा। देर रात करीब 3:30 बजे उसकी मां जब कमरे में पहुंचीं तो बेटी फंदे पर लटकी मिली। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटनास्थल से पुलिस को छात्रा के हाथ से लिखा एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उसने लिखा कि वह नीट परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी और परिवार की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे परीक्षा में असफलता से उपजे मानसिक तनाव से जुड़ा मामला मान रही है।
प्रशिक्षु डीएसपी सुमित चंद्रा और सीएसपी सुमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस परिजनों और छात्रा के करीबी लोगों के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव और विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा में असफलता जीवन का अंत नहीं है। ऐसे समय में परिवार का सहयोग, संवाद और समय पर काउंसिलिंग किसी भी छात्र को निराशा से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।








