Crime News: गुमशुदगी की रिपोर्ट ने उलझाया पुलिस को, लेकिन ‘विमला’ सीधे पहुंची हत्यारों के घर, प्रेम प्रसंग में युवक की हत्या का खुलासा
अमित के लापता होने के बाद परिजनों की ओर से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच कर ही रही थी कि 29 जून को बाड़ी में एक शव बरामद हुआ।

JANJGIR CHAMPA NEWS. एक युवक के अचानक लापता होने की रिपोर्ट, गांव में मिली लाश और करीब दो महीने तक चले पुलिस के जांच अभियान के बाद आखिरकार अंधे कत्ल की पूरी कहानी सामने आ गई। मुलमुला थाना क्षेत्र के कोसा गांव में 25 वर्षीय अमित भंडारी की हत्या किसी अनजान व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी प्रेमिका के भाई ने की थी। हत्या के बाद शव छिपाया गया और पुलिस को गुमराह करने के लिए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। लेकिन जांच में सामने आए सुरागों ने आरोपियों की पूरी साजिश बेनकाब कर दी।
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पहले गुमशुदगी, फिर मिली लाश
अमित के लापता होने के बाद परिजनों की ओर से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच कर ही रही थी कि 29 जून को बाड़ी में एक शव बरामद हुआ। शव की पहचान अमित के रूप में होने के बाद मामला हत्या में बदल गया। हत्यारे का कोई स्पष्ट सुराग नहीं था, लेकिन पुलिस ने पुराने घटनाक्रम और अमित के संपर्क में रहे लोगों की जांच शुरू कर दी।
‘विमला’ ने बदली जांच की दिशा
जांच के दौरान बिलासपुर से ट्रैकर डॉग ‘विमला’ को बुलाया गया। घटनास्थल से सुराग तलाशते हुए विमला आरोपियों के घर तक पहुंच गई। इसके बाद पुलिस का शक गहराया। फॉरेंसिक टीम ने घर की दीवार पर मिले खून के धब्बों के नमूने लिए और तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया।
पुलिस ने 200 से ज्यादा टावर डंप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, जीपीएस लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। धीरे-धीरे जांच की कड़ियां एक-दूसरे से जुड़ती चली गईं।
आधी रात प्रेमिका से मिलने पहुंचा था अमित
जांच में सामने आया कि अमित का संतोषी सिंह क्षत्रिय से प्रेम संबंध था। घटना वाली रात दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद अमित करीब 2:30 बजे संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। उसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह घर लौटा और दोनों को साथ देखकर गुस्से में आ गया।
अमित वहां से भागने के लिए दीवार फांदने लगा, लेकिन बजरंग ने फावड़े से उसके सिर और छाती पर हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद शव छिपाया, फिर रची गुमशुदगी की कहानी
हत्या के बाद संतोषी और उसके भाई ने शव को घर के पीछे बाड़ी में झाड़ियों के नीचे छिपा दिया। अगले दिन बड़े भाई पप्पू सिंह को घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए अमित के लापता होने की कहानी बनाई गई और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। बाद में शव को दूसरी जगह ले जाकर फेंक दिया गया।
पूछताछ में खुला पूरा राज
तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने संतोषी और उसके दोनों भाइयों से पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ के बाद तीनों ने हत्या की घटना में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल फावड़ा और शव ले जाने में इस्तेमाल लोहे की सीढ़ी बरामद कर ली है।
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एसपी विजय कुमार पांडेय ने बताया कि प्रेम-प्रसंग के चलते विवाद हुआ था। बहन को अमित के साथ देखकर उसके भाई ने गुस्से में हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। मामले में युवती और उसके दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।







