Viral Video: दुर्ग में मानवता शर्मसार: 7 साल के मासूम को नग्न कर डांस कराया, बेदर्दी से पीटने वाले 6 नाबालिग हिरासत में
पीड़ित बच्चा और सभी आरोपी नाबालिग एक ही गांव के रहने वाले हैं और आपस में एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद एक सुनसान जगह पर खेल-खेल के दौरान शुरू हुआ।

DURG NEWS. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के नेवई थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला और मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक ही गांव के कुछ नाबालिग लड़कों ने मिलकर एक 7 साल के मासूम बच्चे के साथ न केवल बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उसके साथ अश्लील हरकतें करते हुए उसे नग्न कर डांस करने पर मजबूर किया। इस पूरी प्रताड़ना का आरोपियों ने वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में संलिप्त 6 नाबालिगों को हिरासत में लेकर बाल संप्रेषण गृह भेज दिया है।
खेल-खेल में शुरू हुआ विवाद, सुनसान जगह पर दी प्रताड़ना
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्चा और सभी आरोपी नाबालिग एक ही गांव के रहने वाले हैं और आपस में एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद एक सुनसान जगह पर खेल-खेल के दौरान शुरू हुआ। इसके बाद आरोपियों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। नाबालिगों ने पहले पीड़ित बच्चे के जबरन कपड़े उतरवाए, फिर उसे डंडे और लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया।
मिन्नतें करता रहा मासूम, नहीं पसीजा दिल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे करीब 7 दिन पुराने इस वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपी नाबालिग मासूम को घेरकर लात, घूंसे, थप्पड़ और चप्पलों से पीट रहे हैं। प्रताड़ना के दौरान एक नाबालिग मासूम का गला दबाने की कोशिश करता भी दिखाई दे रहा है। पीड़ित बच्चा लगातार रोते हुए और हाथ जोड़कर उन्हें छोड़ने की मिन्नतें करता रहा, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा और वे गाली-गलौज करते हुए उसे लगातार पीटते रहे। आरोपियों ने इस पूरी घटना का वीडियो खुद ही मोबाइल से बनाया और बाद में इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
पुलिस ने किया बाल संप्रेषण गृह रवाना, बाल आयोग करेगा काउंसिलिंग
मामला संज्ञान में आते ही दुर्ग पुलिस तुरंत एक्शन मोड पर आई और वीडियो की जांच कर त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने घटना में शामिल सभी 6 नाबालिग आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जिन्हें कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बाल संप्रेषण गृह भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, चूंकि इस तरह के मामलों में कानूनी प्रावधानों के तहत त्वरित प्रक्रिया अपनाई जाती है, इसलिए इन्हें तत्काल स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाता है, जहाँ मजिस्ट्रेट परिजनों और नाबालिगों को बुलाकर समझाइश देते हैं।
इस संवेदनशील मामले की जानकारी पुलिस द्वारा बाल आयोग को भी दे दी गई है। घटना से पीड़ित बच्चे को सामान्य चोटें आई हैं। अब इस पूरे मामले में बाल आयोग के विशेषज्ञ बच्चों की मानसिक स्थिति को सुधारने के लिए उनकी विशेष काउंसिलिंग करेंगे। पुलिस घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।








