छत्तीसगढ़
Bilaspur News: सरकंडा के बसोर मोहल्ले में अतिक्रमण हटाने पर भारी हंगामा, पुलिस और रहवासियों के बीच तीखी झड़प
न्यायधानी के सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत बसोर मोहल्ले में आज नगर निगम और जिला प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान जबरदस्त विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। प्रशासन द्वारा सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को ढहाने के लिए जैसे ही बुलडोजर मौके पर पहुंचा, वहां के रहवासी विरोध में सड़कों पर उतर आए और जमकर हंगामा किया। महिलाओं ने रोका रास्ता, नारेबाजी से गूंजा इलाका

BILASPUR NEWS. न्यायधानी के सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत बसोर मोहल्ले में आज नगर निगम और जिला प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान जबरदस्त विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। प्रशासन द्वारा सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को ढहाने के लिए जैसे ही बुलडोजर मौके पर पहुंचा, वहां के रहवासी विरोध में सड़कों पर उतर आए और जमकर हंगामा किया।
महिलाओं ने रोका रास्ता, नारेबाजी से गूंजा इलाका
कार्रवाई की शुरुआत होते ही मोहल्ले के सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। विशेषकर महिलाओं ने नगर निगम की टीम और मशीनों का रास्ता रोककर जमकर नारेबाजी की। रहवासियों का आरोप है कि वे यहां दशकों से रह रहे हैं और बिना किसी ठोस पुनर्वास व्यवस्था के उन्हें बेघर किया जा रहा है। हंगामे के दौरान कई बार निगम कर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसे देख अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा।
प्रशासन का पक्ष: कोर्ट के आदेश और नोटिस का हवाला
वहीं, नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक:
क्षेत्र में अवैध निर्माण के कारण सरकारी योजनाओं और यातायात में बाधा आ रही है।
प्रभावित लोगों को पहले ही नोटिस जारी कर समय दिया गया था।
प्रशासन का तर्क है कि सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराना अनिवार्य है।
पुनर्वास की मांग पर अड़े लोग
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल गरीबों के आशियानों पर बुलडोजर चला रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जब तक उन्हें रहने के लिए वैकल्पिक जगह या प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान नहीं मिल जाते, तब तक तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकी जाए।
तनावपूर्ण माहौल: मोहल्ले में फिलहाल भारी पुलिस बल तैनात है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। खबर लिखे जाने तक रुक-रुक कर विरोध जारी था और अधिकारी लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे थे।




