Bird Flu: बिलासपुर के बाद अब तखतपुर में बर्ड फ्लू की आहट, लावारिस मिलीं मृत मुर्गियों से दहशत
मुख्य मार्ग से महज आधा किलोमीटर दूर इन मुर्गियों को लावारिस हालत में फेंक दिया गया था। सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले ग्रामीणों ने जब यह दृश्य देखा तो वे दंग रह गए। ग्रामीणों ने बताया कि आवारा कुत्ते इन मुर्गियों को बोरियों से निकाल कर नोच-नोच कर खा रहे हैं और उन्हें घसीटते हुए सड़कों तक ला रहे हैं।

TAKHATPUR NEWS. बिलासपुर के बाद अब तखतपुर क्षेत्र में भी बर्ड फ्लू का खतरा तेजी से मंडराने लगा है। रविवार सुबह तखतपुर-नगोई नए बाईपास मार्ग पर बड़ी संख्या में मृत मुर्गियों से भरी बोरियां मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। खुले में फेंकी गई इन मुर्गियों से न केवल असहनीय बदबू फैल रही है, बल्कि गंभीर संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने देखा खौफनाक मंजर
जानकारी के अनुसार, मुख्य मार्ग से महज आधा किलोमीटर दूर इन मुर्गियों को लावारिस हालत में फेंक दिया गया था। सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले ग्रामीणों ने जब यह दृश्य देखा तो वे दंग रह गए। ग्रामीणों ने बताया कि आवारा कुत्ते इन मुर्गियों को बोरियों से निकाल कर नोच-नोच कर खा रहे हैं और उन्हें घसीटते हुए सड़कों तक ला रहे हैं।
विशेषज्ञों की चेतावनी: रिहायशी इलाकों तक पहुँच सकता है वायरस
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये मुर्गियां बर्ड फ्लू से संक्रमित हैं, तो स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। कुत्तों और अन्य पक्षियों के जरिए यह वायरस आसानी से इंसानी बस्तियों और रिहायशी इलाकों तक पहुंच सकता है, जो जनस्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा साबित होगा।
पोल्ट्री कारोबार पर संकट, उपभोक्ताओं में डर
तखतपुर और आसपास के क्षेत्रों में वर्तमान में 4-5 बड़े मुर्गी फार्म संचालित हैं। आमतौर पर नवरात्रि की समाप्ति के बाद चिकन की मांग में बढ़ोतरी होती है, लेकिन सीजन की शुरुआत में ही बर्ड फ्लू की इस आशंका ने पोल्ट्री कारोबार को बड़ा झटका दिया है। मुर्गियों की रहस्यमयी मौत और उन्हें इस तरह खुले में फेंके जाने की घटना से मांस उपभोक्ताओं के बीच भी भारी डर का माहौल है।







