Murder News: अंधविश्वास का खूनी खेल: जादू-टोना के शक में भतीजे ने कुल्हाड़ी से काटकर की चाचा की हत्या
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से दिल दहला देने वाली एक वारदात सामने आई है, जहाँ अंधविश्वास के चलते एक युवक ने अपने ही सगे चाचा को मौत के घाट उतार दिया। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहाँ भतीजे ने अपनी माँ की मौत के लिए चाचा को जिम्मेदार मानते हुए उन पर टंगिया (कुल्हाड़ी) से जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

DANTEWADA NEWS. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से दिल दहला देने वाली एक वारदात सामने आई है, जहाँ अंधविश्वास के चलते एक युवक ने अपने ही सगे चाचा को मौत के घाट उतार दिया। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहाँ भतीजे ने अपनी माँ की मौत के लिए चाचा को जिम्मेदार मानते हुए उन पर टंगिया (कुल्हाड़ी) से जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान कोसा मंडावी (50 वर्ष) के रूप में हुई है। आरोपी मुड़ा उर्फ मनकू मंडावी (27 वर्ष) को लंबे समय से यह शक था कि उसकी माँ, सुकड़ी मंडावी की मृत्यु बीमारी से नहीं, बल्कि उसके चाचा द्वारा किए गए जादू-टोने के कारण हुई है। इसी रंजिश को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था।
साजिश के तहत किया हमला
बीते 3 फरवरी 2026 को आरोपी ने अपने चाचा की हत्या की साजिश रची। मौका मिलते ही मुड़ा मंडावी ने कोसा मंडावी के घर में घुसकर उन पर टंगिया से ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमला इतना भीषण था कि कोसा के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी जंगल की ओर फरार हो गया था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा और अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ में भतीजे पर शक गहराया।
पुलिस और डीआरजी (DRG) की संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी की और सूचना के आधार पर 4 फरवरी को आरोपी को ग्राम पोंदुम और जारम के बीच के जंगलों से हिरासत में लिया।
आरोपी ने कबूला जुर्म
ASP आर.के. बर्मन ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए गए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास के खतरनाक परिणामों को उजागर करती है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया।








